20 अगस्त 2009

doobeyji


6 टिप्‍पणियां:

rajendra yadav ने कहा…

majedar sir

वन्दना अवस्थी दुबे ने कहा…

क्या बात है.कल जब पेपर में आपका ये कार्टून देखा था, तभी हंसते-हंसते बुरा हाल हो गया था..

ज्ञानदत्त पाण्डेय | Gyandutt Pandey ने कहा…

एक बोरा तो सेठ जी के अन्दर भी दिख रहा है! :)

महेन्द्र मिश्र समयचक्र ने कहा…

श्री गणेश चतुर्थी की हार्दिक शुभ कामनाएं

Prem Farrukhabadi ने कहा…

saamyak pakad ke liye dilse badhai!!

समयचक्र ने कहा…

डूबेजी
आपके परसाई जी रचनाओं पर आधारित व्यंग्य प्रदर्शनी की आज चिठ्ठी चर्चा "समयचक्र" में की है. कृपया लिंक देखे. धन्यवाद