18 मई 2009

cartoonist ki najar se..............


2 टिप्‍पणियां:

ज्ञानदत्त पाण्डेय | Gyandutt Pandey ने कहा…

जिस दिन ये ट्राफी न देने का मन बनायेंगी, उस दिन ट्राफी मिलेगी नहीं!

"मुकुल:प्रस्तोता:बावरे फकीरा " ने कहा…

क्या बात है दुबे जी छा गए भाई