8 जनवरी 2010

कार्टूनिस्ट को लगी ठण्ड ..............................कुछ गरमा गरम कार्टून्स


16 टिप्‍पणियां:

Mithilesh dubey ने कहा…

बहुत खूब ।

डॉ. मनोज मिश्र ने कहा…

वाह,बेहतरीन.

महेन्द्र मिश्र ने कहा…

हा हा हा नेतन लोगो की लुगैयाँ ऐसन ही होना चाहिए ...जोरदार पंडितजी

महेन्द्र मिश्र ने कहा…

हा हा हा नेतन लोगो की लुगैयाँ ऐसन ही होना चाहिए ...जोरदार पंडितजी

महेन्द्र मिश्र ने कहा…

जोरदार पंडितजी

संगीता पुरी ने कहा…

बढिया रहा !!

Udan Tashtari ने कहा…

बहुत सही!!

पं.डी.के.शर्मा"वत्स" ने कहा…

सटीक!!

राजीव तनेजा ने कहा…

मजेदार

अजय कुमार झा ने कहा…

अरे नहीं दूबे जी , इनको मत जलाना जी , पता नहीं कौन सी गैस निकले ..पता लगे कि अलाव सेंकते सेंकते ही....टैण टैणेन हो गया

संजय बेंगाणी ने कहा…

मारक.

पंकज ने कहा…

आजकल पत्नियां भी नेता पतियों जैसी हो गयीं हैं. चलिये एक कार्टून आइडिया देता हूँ. पिछले दिनों एक होर्डिंग से एक आदमी को झांकते देखा. नीचे उसके पद पर नजर गयी तो लिखा था, "प्रधान पेशंट ". थोड़ी देर तो समझ न आया. फिर पता चला कि आरक्षण के कारण अपनी पत्नी को ग्राम प्रधान बनबाने वाले नेता हैं ये, प्रधान पति.

पंकज ने कहा…

पहले कुछ लगत छप गया, पुन: पढ़े:
आजकल पत्नियां भी नेता पतियों जैसी हो गयीं हैं. चलिये एक कार्टून आइडिया देता हूँ. पिछले दिनों एक होर्डिंग से एक आदमी को झांकते देखा. नीचे उसके पद पर नजर गयी तो लिखा था, "प्रधान पति ". थोड़ी देर तो समझ न आया. फिर पता चला कि आरक्षण के कारण अपनी पत्नी को ग्राम प्रधान बनबाने वाले नेता हैं ये, प्रधान पति.

भारतीय नागरिक - Indian Citizen ने कहा…

काश कि पत्नियां ही इतनी संवेदनशील हों नेताओं की.

बवाल ने कहा…

हा हा। बहुत ही ज़बरदस्त।

राकेश 'सोहम' ने कहा…

डूबे जी पिछले एक माह से दिल्ली में हूँ और आपके ब्लॉग से गर्मी ले रहा हूँ . लगता है पूरी राजनीति को अलाव में झोंक दूँ. शायद कुछ तपन मिले . मज़ा आ गया जी. ठिठुरती बधाई है जी.