14 मार्च 2009

नेताजी रंग से बच गए तो क्या ..........


14 टिप्‍पणियां:

आलोक सिंह ने कहा…

प्रणाम
बहुत बढ़िया , मज़ा आ गया .

seema gupta ने कहा…

"ha ha ha ha ha ha ha ha ha well said"

Regards

संगीता पुरी ने कहा…

पकडे जाते तो ... होली में तो रंग बिरंगे होते ... चुनाव में सीधे काले ... बढिया है।

Udan Tashtari ने कहा…

:) आने दो वोट मांगने, देखते हूँ अबकी कैसे बचते हैं.

अनिल कान्त : ने कहा…

भाई कमाल का है ये तो .....मज़ा आ गया

varsha ने कहा…

shandar

mehek ने कहा…

waah jabardast:)

विष्णु बैरागी ने कहा…

लोगों ने ऐसा सोचा या नहीं किन्‍तु आपने तो लोगों का रास्‍ता बता ही दिया।

ज्ञानदत्त । GD Pandey ने कहा…

लोगों की काबलियत पर भरोसा नहीं। बूथ मैनेजमेण्ट एक विकसित विज्ञान है।

cmpershad ने कहा…

सब का मुंह काला कर भी दिया तो एक बच ही जाएगा-- अरे वही, जो चुनाव जीत कर जनता का मुंह काला करेगा पांच वर्ष तक:)

anil shrivastava ने कहा…

bahut badiya bhaiji.waise to ye roj muh kala kiya karte hai.per kala rung wo bhi chunav mai.good idea.lage raho

Vivek Ranjan Shrivastava ने कहा…

wah !

डा. उदय ’ मणि ’ ने कहा…

सादर प्रणाम राजेश जी
आज सौभाग्य मिला आपके कार्टून्स , और विशिश्ठ कला से परिचित होने का

बहुत बधाई
आपका मेरे ब्लोग पे पधारने और आशीर्वाद दोनो के लिये ह्रिदय से आभारी हू

स्नेह बनाये रखियेगा

डा उदय मणि

बवाल ने कहा…

हा हा हा क्या बात कही डूबेजी ! वाह वाह।