17 दिसंबर 2008

बुश के ऊपर इराकी पतरकार ने फेंका जूता

7 टिप्‍पणियां:

cartoonist ABHISHEK ने कहा…

achchha hai....

समयचक्र - महेद्र मिश्रा ने कहा…

ऐसे हथियार तो घर घर में मौजूद है . जब जी चाहे फेंक लो बहुत बढ़िया व्यंग्य . बधाई दुबे जी

राहुल सि‍द्धार्थ ने कहा…

भाई जरा बुश और उस पत्रकार की जगह अपने देश के नेता और पत्रकार को रखकर देखें जरा.......

अविनाश वाचस्पति ने कहा…

ऐसा हथियार

जिसका वार

नहीं जाता

बेकार

लगे या न लगे

फिर भी लगता है

जूता है

जमता है।

sareetha ने कहा…

चलिए जाते जाते बुश साहब ने इराक का कर्ज़ भी अदा कर दिया ,लेकिन दुनिया का सिर दर्द बढा गये । बुलंद हौंसलों के साथ आतंक का पर्याय बन चुके ये लोग ना जाने दुनिया पर क्या कहर ढहाएंगे ।

COMMON MAN ने कहा…

avinash ji se sahmat, majaa aa gaya,
कार सस्ती होने वाला तो शानदार है ही, ए०बी०एस० वाला तो कमाल का है.

anil shrivastava ने कहा…

bush ko ab jhadio(bush)ke peeche chhup jana chahiye.patrakar ne amerika ki dadagiri ke shanshah ko uski sahi aukat bata di.dhanyabad dubeji.lage raho.
anil shrivastava
indore